बुधवार, 12 मई 2021

covid 19 तीसरी लहर में बच्चों को बचायेगा स्वर्ण प्राशन संस्कार

  आप सभी को जानकर यह खुशी होगी कि हमारे हिंदू धर्म और आयुर्वेद में सोलह संस्कार होते हैं जो गर्भधारण से लेकर अंतिम सांसों तक यह सोलह संस्कार होते हैं उसी में एक संस्कार है स्वर्ण प्राशन जो बच्चों को दिया जाता है जिससे उनकी  प्रतिरक्षा तंत्र काफी मजबूत हो जाती है और कोई भी बैक्टीरिया या वायरस उनको आसानी से प्रभावित नहीं कर पाता है
स्वर्ण  प्राशन का प्रयोग करके हम बच्चों को उनके प्रतिरक्षा तंत्र को बहुत ही हद तक मजबूत कर देते हैं इसके प्रयोग से हमारे शरीर के अंदर पाई जाने वाली  t lymphocyte  कोशिका  मैं वृद्धि होती है जिससे हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत हो जाता है
 सुवर्णप्राशन को बनाने के लिए सबसे पहले हमें स्वर्ण भस्म की जरूरत होगी स्वर्ण भस्म की मात्रा 500 मिलीग्राम होगी और इसे एक चम्मच शहद में 10 मिनट तक मर्दन करेंगे जब शहद और स्वर्ण भस्म अच्छी तरह मिल जाए तब उसमें ब्राह्मी घृत मिलाकर आधे घंटे तक मर्दन किया जाता है आधे घंटे के बाद स्वर्ण प्राशन तैयार हो जाता है और इसका उपयोग 3 महीने से 2 वर्ष तक के बच्चों को  दो बूंद तथा साथ में दो बूंद शहद की भी देंगे अगर बच्चा 2 साल से 5 साल तक का है तो उसे 3 बूंद स्वर्ण प्राशन के साथ तीन बूंद शहद के साथ देंगे ऐसा करने से बच्चे के अंदर टी लिंफोसाइट और बी लिंफोसाइट्स बढ़ जाती है और बच्चे का इम्यून सिस्टम मजबूत हो जाता है जिससे बच्चे को बैक्टीरिया और वायरस से होने वाले इन्फेक्शन जल्दी पनप नहीं पाते हैं और बच्चा निरोग एवं स्वस्थ रहता है जैसा कि आप लोग जानते हो कि जापानी इंसेफेलाइटिस गोरखपुर के एरिया में बहुत ज्यादा फैला था और वहां पर जब स्वर्ण प्राशन दिया गया तब से वहां से यह बीमारी लगभग खत्म हो गई है यह बहुत ही उपयोगी है और अपने बच्चों को उपयोग कर आइए अच्छा लगे तो कमेंट करके हमें जरूर बताइए मैं vaidya एसएस पटेल बीएएमएस  हंडिया प्रयागराज आप लोगों की सेवा में तत्पर हाजिर रहूंगा धन्यवाद

सोमवार, 10 मई 2021

covid 19 की दूसरी लहर में अपने आप को कैसे सुरक्षित करें

 कोविड-19 की दूसरी लहर बहुत ही घातक और जान पर आफत लेने वाली है ऐसे में कैसे हम अपने आप को सुरक्षित रखें और किन-किन आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग करें साथ ही कैसे हम जो हैं कागज़ का निर्माण करें  इन सब महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सोच समझकर एवं आयुर्वेद के परंपरागत नियमों एवं महर्षि  तथा ऋषियों द्वारा  बताए गए मार्गों का अनुसरण करते हुए हम अपने आप को कैसे सुरक्षित करें इसके बारे में हम आपको संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं कृपया आप लोग इस लेख को पूरा पढ़ने की कृपा करिएगा ताकि आप तथा आप के परिवार एवं स्वजन कोविड-19 के इस महा  प्रकोप में सुरक्षित रहें और दूसरों का सहयोग करें

 भारत में  कोविड-19 एक भयानक रूप ले चुका है ऐसे में जब भी हम किसी दूसरे प्रदेश से अपने वास स्थान पर आएं तो क्वारंटाइन रहें क्योंकि जब तक आपका rt-pcr नेगेटिव नहीं आ जाता तब तक दूसरों से दूरी बनाए रहे क्योंकि उस समय तक आप कैरियर का काम करेंगे वायरस के लिए क्योंकि इस समय वायरस आपके अंदर इनको बेसन पीरियड में रहता है और  लक्षण दिखना  बाद में शुरू होता है ऐसे में आप अपने भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें
,  ऐसे में आप किसी भी सांस्कृतिक प्रोग्राम में भाग ना लीजिए क्योंकि इस समय वायरस इनक्यूबेशन पीरियड में होता है और सबसे ज्यादा दूसरों को अपने चपेट में लेता है तो सावधानी रखिए दूसरों से दूरी बनाए रखिए जब तक कि आपका rt-pcr रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आ जाती है/
 यदि आपको सर्दी जुखाम या बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं तो आप स्वयं अपने आप को आइसोलेशन में रखें तथा जब तक rt-pcr रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आ जाती है तब तक किसी के संपर्क में ना आए क्योंकि लक्षण बाद में दिखना शुरू होते हैं और तब तक जो भी आप के संपर्क में आएगा वह कोबिड संक्रमित हो जाएगा
आइसोलेशन का अर्थ यह होता है कि आप 14 दिन तक घर के अंदर रहेंगे और इधर उधर कहीं घूमेंगे नहीं ऐसा नहीं है कि आप इधर उधर घूमने और दूसरे को संक्रमित करें
 प्रातः काल उठे और एक गिलास गुनगुने पानी में एक चुटकी नमक डालकर गरारा करें तथा ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें जिसमें अनुलोम विलोम प्राणायाम कपालभाति प्राणायाम करें जो आपके फेफड़े की एलबीओ लाइको मजबूती प्रदान करता है
 सुबह आप चाय के स्थान पर कटी हुई अदरक चार लोग और पिसी हुई काली मिर्च एक चौथाई चम्मच तथा पहाड़ी हल्दी डालकर चाय की तरह पी सकते हैं और अगर आपको लगता कुछ और डालना चाहिए तो इसमें सेंधव लवण या मिश्री डालकर पी सकते हैं यह आपके गले को  साफ रखेगा
 इसमें आप नींबू अवश्य मिलाएं नींबू में विटामिन सी होती है और वह आपके प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करती है दिन में एक बार  सुबह और रात को सोते समय भाप अवश्य लें ताकि जो भी वायरस आपके गले तक है वहीं पर समाप्त हो जाए
 सुबह नाश्ते में अंकुरित चने का प्रयोग करें प्रोटीन वाली चीज ज्यादा ले तथा शाम को सूप पिएं ऐसी दिनचर्या आप हमेशा बनाए रखें आप कुशल एवं निरोग रहेंगे आगे हम आपको आयुर्वेदिक औषधियों के बारे में चर्चा करेंगे जो कोविड-19 में बहुत ही उपयोगी साबित हो रही है धन्यवाद

रविवार, 9 मई 2021

कोविड-19 आयुर्वेदिक काढ़ा की उपयोगिता

  जैसा कि आप लोग जानते हैं कि कोविड-19 एक घातक वायरस द्वारा फैल रहा है और इसके लिए अभी तक एथेनिक कोई भी दवा नहीं बनी है केवल अपने शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाकर हम इस वायरस के प्रकोप से बच सकते हैं अगर हमारे अंदर इम्यून सिस्टम मजबूत होगा तो एंटीबॉडीज वायरस के खिलाफ जल्दी बन जाएंगी और वायरस को   मार देंगे/

 इसके लिए हमें अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग करना होगा जैसे कि आप जानते हैं गिलोय तुलसी काली  मिर्च  अदरक और दालचीनी मिलाकर सुबह और शाम काढ़ा बनाकर पिया जाए तो प्राकृतिक तरीके से हमारे अंदर प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत हो जाता है और वायरस हमारे अंदर फेल नहीं पाता है जैसा कि आप लोग जानते हैं कि जितनी ज्यादा हमारे अंदर  immunity Hogi utne hi jald Ham Swasth Ho jaenge

covid 19 तीसरी लहर में बच्चों को बचायेगा स्वर्ण प्राशन संस्कार

  आप सभी को जानकर यह खुशी होगी कि हमारे हिंदू धर्म और आयुर्वेद में सोलह संस्कार होते हैं जो गर्भधारण से लेकर अंतिम सांसों तक यह सोलह संस्कार...